माह स्नान के मुख्य तीर्थ जहां जल मे देवता विराजते है
🌻सिर्फ जल मे डुबकी लगा लेना ही स्नान नहीं है या शरीर की मैल धोना ही स्नान नहीं है
🏵️मन की शुद्धि सब तीर्थों मे उत्तम है जिसने मन ओर इंद्रियों के संयम मे सनसन कर लिया असली मे उसी
का सफल है
🥀जो लोग लोभी चुगलखोर,क्रूर ,दंभी ओर विषयों मे आसक्त है वह सम्पूर्ण तीर्थों मे स्नान करके भी मलिन
ही रहता है
🌹दान ,यज्ञ ,तप ,बाहर भीतर की शुद्धि और शास्त्र ज्ञान भी तीर्थ के समान माना गया है
🌷जिसने इंद्रियों कॉम काबू मे कर लिया वह मनुष्य जहा जहा भी निवास करता है
🌺वहीं वहीं उसके लिए कुरुक्षेत्र ,पुष्कर,और नैमी शरण्य आदि तीर्थ आ जाते है
🌊 माह स्नान हिंदू परंपरा में शुभ माह के दौरान किया जाने वाला एक अत्यंत पवित्र स्नान माना जाता है।
🕉️ मान्यता है कि इस समय पवित्र नदियों में स्नान करने और प्रसिद्ध तीर्थों के दर्शन से पापों का नाश होता है और
दिव्य कृपा प्राप्त होती है।
✨ भारत भर में माह के दौरान तीर्थ स्थलों पर आध्यात्मिक ऊर्जा विशेष रूप से जाग्रत मानी जाती है।
🌸 गंगा, यमुना, नर्मदा और कृष्णा जैसी पवित्र नदियों के तट तथा हरिद्वार, द्वारका, उज्जैन और पुष्कर जैसे
तीर्थ स्थल प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
🙏 स्नान के साथ-साथ श्रद्धालु पूजा, दान, जप और ध्यान करके अपने आध्यात्मिक पुण्य को बढ़ाते हैं।
🌅 माह के समय इन पवित्र तीर्थों की यात्रा आत्मशुद्धि, भक्ति और अंतःशांति प्रदान करती है तथा साधक को दिव्य
चेतना से जोड़ती है।
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