महान गो-भक्त संत श्री राजेन्द्रदासजी महाराज

                    मलूक पीठाधीश्वर संत स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज संक्षिप्त जीवन-परिचय 

मलूकपीठाधीश्वर महान गो-भक्त संत श्री राजेन्द्रदासजी महाराज का दिव्य स्वरूप

🕉️ परिचय — मलूकपीठाधीश्वर संत श्री राजेन्द्रदासजी महाराज

💥स्वामी राजेन्द्र दास देवाचार्य जी महाराज -- आप एक प्रतिष्ठित हिन्दू ब्राम्हण वैष्णव संत, कथा वाचक और 

      धर्मगुरु हैं। 

💥आप मलूक पीठाधीश्वर के रूप में प्रतिष्ठित हैं —

🪷आप एक परंपरागत वैष्णव पीठ जो राम-भक्ति और भगवत कथा परंपरा को आगे बढ़ाता है,के आचार्य है ! 

                                                        🎉आपका जन्म

💥जन्म स्थान: ग्राम ओरछा, जिला टीकमगढ़मध्य प्रदेश में हुआ। 

💥जन्म तिथि: ऋषि पंचमी ( हिन्दू पंचांग के अनुसार, जिसको विशेष मान्यता प्राप्त है )। 

💥आपकी आयु : वर्तमान लगभग 49 वर्ष है !

                       👪 माता-पिता का नाम

 💥पिता: पंडित श्री रामस्वरूप पांडेयजी 

 💥माता: स्व: श्री मती बृजलता देवीजी 

 💥 गुरु: स्व: श्री गणेशदासजी भक्तमालीजी 

 🪷यह जानकारी सार्वजनिक जीवनी स्रोतों के अनुसार उपलब्ध है। 

                                 🎉 शिक्षा

💥 बचपन से उन्हें आध्यात्मिक वातावरण मिला और उन्होंने संस्कृत, दर्शन, साहित्य और वेदांतीय विषयों में 

       उच्च शिक्षा प्राप्त की।

💥 उन्होंने संस्कृत और धार्मिक अध्ययन में गहरी शिक्षा ग्रहण की। 

💥 आप विलक्षण प्रतिभा के धनी है !

💥 आप संस्कृत व्याकरण, विशिष्टाद्वैत वेदान्त और साहित्य जैसे विषयों में सर्वोच्च स्थान पर उपासित हैं।

💥 भारत के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय द्वारा उन्हें D.Lit ( विद्वत ) की मानद उपाधि भी प्रदान की गई। 

                            📿नाम और उपाधि

🎉 स्वामी श्री राजेंद्र दास जी महाराज — जिन्हें मलूक पीठाधीश्वर के नाम से भी जाना जाता है। 

🎉  आप एक प्रसिद्ध वैष्णव संत, कथावाचक, धार्मिक प्रवचनकर्ता और मलूक पीठ (Shri Malook Peeth) के

🎉  पीठाधीश्वर हैं।  

🎉  आप वर्तमान मे भारत की अनेक गौशालाओ के अध्यक्ष के पद पर आसित है !

                                       🪔 धार्मिक मार्ग

🎉 महाराज जी रामानंद सम्प्रदाय की विरक्त-परंपरा से जुड़े हैं और श्री राम-कृष्ण-नारायण के

     अनन्य भक्त हैं। 

🎉आप प्रतिदिन अपने तेजस्वी ललाट पर केसर चंदन का तिलक लगाते है जो वैष्णव परंपरा के अनुकूल है !

                         🔔परम गौभक्त आचार्य 

💥पानी घाट गौशाला 
💥सुरभि श्याम गौशाला 
💥सूरश्याम गौशाला 
💥जड़खोर गौशाला 
💥आपकी आत्मा ओर वाणी मे गोमाता की अमित छाप दिखती है !
💥आप निरंतर गोहत्या समाप्त करने के लिए प्रयासरत रहते है ! 
💥आप गोमाता के लिए अत्यंत दुखी रहते है !
💥बार बार केंद्र सरकार से गो हत्या बंद करने के लिए गुहार लगाते रहते है !
💥गोमाता ही सृष्टि का आधार है ! 

                       🕉️ धार्मिक कार्य और संदेश

🌹आप भागवत कथा, भक्तमाल कथा, रामायण, गौमाता कथा ,महाभारत जैसे ग्रंथों का प्रवचन करते हैं।

🌹मलूक पीठ के माध्यम से सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, शास्त्र-सेवा, साधु-सेवा और गौ-सेवा जैसे कार्यों में 

     संलग्न हैं।

🌹आपके मंत्र मुग्ध करने वाले उपदेश मानव जीवन के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होते है !

                           🌟  मलूक पीठ का स्थान

🥀मलूक पीठ का मुख्य आश्रम वंशीवट मोहल्ला, जमुना पुल के पास, सुदामा कुटी के निकट वृन्दावन, मथुरा

    (उत्तर प्रदेश) में स्थित है। 

                                  📿आध्यात्मिक जीवन 

 🌷महाराज जी रैवासा धाम (राजस्थान) के 18वें पीठाधीश्वर है !

 🌷आप इस परंपरा के आध्यात्मिक नेता हैं !

 🌷रामकथा-भागवत परंपरा के संरक्षक है !

 🌷आपका सम्पूर्ण जीवन गोभक्ति पर आधारित है !
 
                          💥गुरु-शिष्य परंपरा

🪻आपका आध्यात्मिक सूत्र राम-कृष्ण-नारायण भक्ति पर आधारित है और आप वैष्णव परंपरा के अनुयायी हैं। 

🪻आपको गुरु-परंपरा में दीक्षा दी गई थी और अअपने कई तेजस्वी संतों तथा गुरुओं से ज्ञान प्राप्त किया।

                📜शास्त्र सम्मत उपदेश और शिक्षाएँ

🪷 आप भक्ति जीवन का वास्तविक लक्ष्य बताते हैं — केवल शब्दों का जाप नहीं, बल्कि हृदय की अवस्था में

      भक्ति होना आवश्यक। 

 🪷 आप सरल, स्पष्ट और जीवन-उद्देश्यपूरक प्रवचन देते हैं, जिसमें राम, कृष्ण और भगवत कथा के गूढ़

       संदेशो को जीवन से जोड़कर बताया जाता है। 

🪷 उनके प्रवचनों में मानव जीवन की नैतिकता, अहिंसा, सम्मान, गुरु-भक्ति और स्वयं के स्वभाव पर विजय

     के विषय प्रमुख रूप से मिलते हैं। 

                          🪔 प्रमुख गतिविधियाँ

🎉 आप  भागवत कथा, राम कथा, भजन-कीर्तन, प्रवचन और धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित

       करते हैं। 

🎉 वृंदावन से लेकर अन्य शहरों तक आपके सत्संग और कथा कार्यक्रम होते हैं, जहां बड़ी संख्या में भक्त जुड़ते

        हैं 

🎉 हाल ही में आपने उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर में पंचामृत अभिषेक जैसा विशेष धार्मिक कार्यक्रम भी संपन्न

      किया।

     भक्त और अनुयायी आपको 

🎉 उनके अनुयायी आपको भगवान शिव के समान मानते है उनमे परम श्रद्धा का भाव रखते है !

🎉 कलिकाल मे ऐसे संत ऋषि का होना अत्यंत दुर्लभ है !

🎉 एक दर्शनीय और प्रभावशाली कथा-वाचक के रूप में देखते हैं। 

🎉 ऐसे गुरु के रूप में मानते हैं जिनकी वाणी में भाव-शक्ति और गहरा अर्थ होता है !

🎉 भक्ति और जीवन-ज्ञान का मार्ग स्पष्ट करने वाले गुरु मानते हैं। 

                                 📖 संक्षेप में

 🪔 संत राजेन्द्रदासजी महाराज जी 

 💥आप एक सम्मानित वैष्णव संत और कथावाचक हैं 

 💥 जन्म आध्यात्मिक पृष्ठभूमि में हुआ

 💥 आप परम गोभक्त है 

 💥 उच्च शिक्षा का गहरा ज्ञान है

 💥 आप मलूक पीठाधीश्वर के रूप में सेवा कर रहे हैं

 💥 आपका उपदेश भक्ति-भाव, शास्त्र-ज्ञान और जीवन मूल्यों पर आधारित है

 💥 आप नियमित सत्संग, कथा-कीर्तन तथा धार्मिक आयोजन करते हैं

 💥 आपकीं कथा विशेष रूप से गो भक्ति पर आधारित होती है 

      और जानने के लिए हमारे ब्लॉग पर आयें 

       https://dharamkibate.blogspot.com




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