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रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण

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                                                                                                                                           श्री गणेशाय नमः                                                                 श्रीजानकीवल्लभो विजयते                                                                      ...

दश दिग्पाल कौन हैं? 10 दिशाओं के रक्षक देवताओं की पूरी जानकारी

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  🌸 10 दिग्पाल (दश दिक्पाल) कौन हैं? पूरी जानकारी 🌸 हिंदू धर्म में दिशाओं की रक्षा करने वाले देवताओं को दिग्पाल (Dikpal) कहा जाता है। “दिक्” का अर्थ दिशा और “पाल” का अर्थ रक्षक होता है। यानी ये 10 देवता मिलकर सभी दिशाओं की रक्षा करते हैं। दिग्पाल कोन होते है आइए जानते है  आपने अक्सर हनुमान चालीसा मे पढ़ा ही होगा  चौपाई :- 👉🏿 जम कुबेर दिग्पाल जहा ते | 👉🏿 कबि कोबिद कहि सके कहा ते || यह बात श्री रामचरितमानस मे भी लिखी हुई है उसी बात की ओर हम आपका ध्यान दिलाना चाहते है  ये दिग्पाल दरअसल दसों दिशाओ के स्वामी होते है जिन्हे अलग अलग श्रेणी मे बाँटा गया है , ये सभी दिशाओ की रक्षा का भार उठाते है ,जीवन मे सुरक्षा देते है ओर संतुलन बनाए रखते है | ओर ये सभी अपने अपने कार्य मे तत्पर होते है  पूजा हवन आदि मे भी इनका भाग निकाला जाता है जिससे आपको चारों दिशाओ मे सफलता मिल सके  दस दिशाये  चार दिशाये = पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण  चार कोने = हर दो दिशाओ के बीच का कोना  दोनो = धरती ओर अम्बर  दसों दिशाओ के स्वामी जानिए  1 = पूर्व मे इन्द्र...

🕉️ क्या आप जानते हैं ? कश्मीर, माता सरस्वती की भूमि है | जानिए पूरा रहस्य

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📿 सरस्वती माता और कश्मीर का संबंध | प्रमुख मंदिर, और सम्पूर्ण  जानकारी   🌸 सरस्वती माता और कश्मीर का संबंध कश्मीर और सरस्वती माता का संबंध भारतीय संस्कृति और इतिहास में बहुत पुराना है। इसे हम इतिहास, पुराण और स्थल-पुराणिक कथाओं से जोड़कर समझ सकते हैं। [1] सरस्वती नदी और कश्मीर 🌹 सरस्वती माता केवल विद्या की देवी ही नहीं, बल्कि वे प्राचीन नदी सरस्वती से भी जुड़ी हैं। कश्मीर की प्राचीन घाटियों में भी कहा जाता है कि सरस्वती नदी की एक शाखा यहाँ बहती थी। कश्मीर की धरती प्राचीन समय में नदी-घाटियों और झीलों से समृद्ध थी, और यह विद्या, संस्कृति और धर्म का केंद्र थी। इसलिए इसे “साक्षात सरस्वती की भूमि” कहा जाता है। [2] पुराणों में वर्णन 🌹 शिव पुराण और स्कंद पुराण में वर्णन मिलता है कि सरस्वती देवी ने हिमालय क्षेत्र और कश्मीर की घाटियों में ध्यान और तपस्या की थी। यहां कई स्थानों को सरस्वती देवी के पूजा स्थल के रूप में माना गया। [3] कश्मीर की विद्या और शिक्षा से संबंध 🌹 कश्मीर प्राचीन समय में विद्या और ज्ञान का केंद्र था। यहां के प्रसिद्ध विश्वविद्यालय और गुरुकुल में विद्या के लिए दे...

सप्त चिरंजीवी महापुरुष कौन है ? जो आज भी पृथ्वी पर घूमते है

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🌿 सप्त चिरंजीवी (अमर महापुरुष) 🪔 सप्त चिरंजीवी की कथा (हिन्दू धर्म में अमर पुरुष) हिन्दू धर्मग्रंथों के अनुसार सप्त चिरंजीवी वे सात महान आत्माएं हैं जिन्हें ईश्वर की कृपा से अमरत्व का वरदान प्राप्त है। मान्यता है कि ये सभी महापुरुष कलियुग के अंत तक पृथ्वी पर विद्यमान रहेंगे और समय-समय पर धर्म की रक्षा करते रहेंगे। 🌿 सप्त चिरंजीवी कौन हैं? अश्वत्थामा बलिर्व्यासो हनुमांश्च विभीषणः। कृपः परशुरामश्च सप्तैते चिरजीविनः॥ इस श्लोक के अनुसार अश्वत्थामा, राजा बलि, वेदव्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य और परशुराम — ये सातों चिरंजीवी हैं। 🔱 सप्त चिरंजीवी का वर्णन 1️⃣ अश्वत्थामा (द्रोणाचार्य के पुत्र) अश्वत्थामा महाभारत के एक प्रमुख योद्धा थे और द्रोणाचार्य के पुत्र थे। उन्होंने ब्रह्मास्त्र का दुरुपयोग किया, जिसके कारण भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें शाप दिया। उनका दिव्य मणि छीन लिया गया और उन्हें यह दंड मिला कि वे अमर रहकर भी असीम पीड़ा सहेंगे। मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर भटक रहे हैं। 2️⃣ राजा बलि (दानवीर असुरराज) राजा बलि अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध थे। वामन अवतार की कथा में उन्होंने तीनों लो...

सच्ची भक्ति की मिसाल: भक्त सदना

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                                                    🍀 सदना कसाई की सम्पूर्ण कथा   🍀     🎉 भक्ति काल में अनेक ऐसे महान भक्त हुए जिन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि " भक्ति किसी जाति, कर्म या           व्यवसाय की  मोहताज नहीं होती । "ऐसे ही एक महान भक्त थे  " सदना कसाई ।'                                                       🌻 प्रारम्भिक जीवन🌻      🎉 सदना कसाई एक नगर में रहते थे। उनका पेशा " कसाई" का था। वे दिन रात जीवों का वध करके अपना              जीवनयापन करते थे।      🎉  समाज उन्हें पापी मानता था, पर उनके हृदय में कहीं न कहीं '' भगवान के प्रति आस्था भी '' छुपी हुई थी।         ...