रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण
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🌼 हिन्दू नववर्ष (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)
🌴 हिन्दू नववर्ष को विक्रम संवत नववर्ष कहा जाता है। यह हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है।
यही दिन चैत्र नवरात्रि का पहला दिन भी होता है। उस समय प्रकृति में चारों ओर हरियाली फैली होती है, तब सनातन का नया वर्ष आरंभ होता है!
☘️ महीना: चैत्र
🍀 तिथि: शुक्ल प्रतिपदा
🌲 मौसम: वसंत ऋतु
🌿 इसी दिन से हिन्दू पंचांग का नया वर्ष प्रारंभ होता है।
🌻 हिन्दू शास्त्रों के अनुसार —
✨ इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी।
✨ भगवान श्रीराम का राज्य अभिषेक भी इसी दिन हुआ था।
✨ युधिष्ठिर का राज्य अभिषेक भी इसी तिथि को माना जाता है।
✨ यह दिन शक्ति (नवरात्रि) उपासना का आरंभ माना जाता है।
हिन्दू नववर्ष को भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नामों से जाना जाता है —
🌷 उत्तर भारत = नव संवत्सर (हिन्दू नववर्ष)
🌻 महाराष्ट्र = गुड़ी पड़वा
🏵️ आंध्र प्रदेश व तेलंगाना = उगादी
🪻 कर्नाटक = युगादी
🌹 राजस्थान = थापना, संवत्सरारंभ
🌺 कश्मीर = नवरेह
🥀 सिंधी समाज = चेटी चाँद
🏵️ घरों की साफ-सफाई और सजावट की जाती है।
🏵️ ध्वज (झंडा) या गुड़ी की स्थापना की जाती है।
🏵️ नीम, गुड़ और आम के पत्तों का सेवन किया जाता है जिससे स्वास्थ्य लाभ होता है।
🏵️ मंदिरों में पूजन, हवन, भजन-कीर्तन और ध्यान किया जाता है।
🏵️ पंचांग श्रवण (नए वर्ष की भविष्यवाणी) ज्योतिष के अनुसार किया जाता है।
🏵️ वसंत ऋतु को नई फसल और नई ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
🏵️ पेड़-पौधों में नई कोपलें निकलती हैं और फसल तैयार होती है।
🏵️ मानव शरीर के लिए यह समय नव ऊर्जा और नव संचार का समय माना जाता है।
🏵️ पुराने दोषों को छोड़कर नए गुण अपनाए जाते हैं।
🏵️ नए संकल्पों के साथ जीवन का आरंभ होता है।
🏵️ धर्म, कर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रतिज्ञा ली जाती है।
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