रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण

चित्र
                                                                                                                                           श्री गणेशाय नमः                                                                 श्रीजानकीवल्लभो विजयते                                                                      ...

तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर – महत्व, कथा और पूजा विधि

                                                    

तुलसी माता: भक्ति और पवित्रता की पवित्र पौधा

🪔  तुलसी माता की संपूर्ण कथा 🪔

      *  हिंदू धर्म में तुलसी माता को अत्यंत पवित्र माना गया है

      * वे  भगवान विष्णु की परम भक्त और  लक्ष्मी का रूप  मानी जाती हैं। 

      *उनके बिना विष्णु जी की पूजा अधूरी मानी जाती है।

     🌺 " तुलसी माता " वृंदा देवी 🌺

      *तुलसी माता का पूर्व जन्म " वृंदा " नाम की एक पतिव्रता स्त्री के रूप में हुआ।

      * तुलसी मैया के पट्टी का नाम असुर जलंधर था 

      *वृंदा एक  सती स्त्री और विष्णु भगवान की भक्त  थीं।

      *उनकी तपस्या और पतिव्रत के कारण जलंधर का कोई वध नहीं कर सकता था वह अजेय हो गया।

      *देवता असुर जलंधर से पराजित होने लगे और भगवान विष्णु से सहायता माँगी।

     🌷  " विष्णु जी की लीला "🌷

      * भगवान विष्णु ने लीला करने के लिए असुर " जलंधर का रूप " धारण कर लिया।

      *इससे वृंदा का पतिव्रत भंग हुआ और उसी समय युद्ध में जलंधर का वध हो गया ।

      *जब वृंदा को सत्य का ज्ञान हुआ तो वे अत्यंत दुखी हो गई ।

    🪔   विष्णु जी को श्राप दे दिया वृंदा ने 🪔

      *दुख और क्रोध में वृंदा ने भगवान विष्णु को श्राप दे दिया

      *श्राप - “ आप पत्थर बन जाएँ ”

      *यह श्राप " शालिग्राम शिला " के रूप में पूर्ण हो गया ।

      🎉 भगवान विष्णु ने वृंदा को वरदान दिया 🎉

   *भगवान विष्णु ने वृंदा से क्षमा माँगी और वरदान दिया

   *तुम पृथ्वी लोक मे " तुलसी " के रूप में पूजी जाओगी।

   *तुम्हारे बिना मेरी पूजा " अधूरी " ही रहेगी।

   *कार्तिक मास में तुम्हारे साथ मेरा " विवाह शालिग्राम के रूप से होगा "

     🔔 तुलसी माता का अवतार 🔔

   *वृंदा ही " तुलसी माता " बनकर धरती पर प्रकट हुईं।

          तुलसी का पौधा के रूप मे 

      🏵️   तुलसी एक औषधी के रूप मे 🏵️

  *रोगनाशक

  *वातावरण शुद्ध करने वाला

  *शुभ कार्य मे प्रयोग 

  *तुलसी को आध्यात्मिक रूप से अत्यंत पवित्र माना गया।

    🎉   तुलसी विवाह 🎉

          कार्तिक शुक्ल एकादशी और द्वादशी 

 *तुलसी माता का विवाह"

 *शालिग्राम " ( भगवान विष्णु ) से किया जाता है।"

 * देव उठनी एकादशी " को दोनों का विवाह कराया जाता है !

 *यह विवाह " हर साल हर मंदिर " मे कराया जाता है 

 *यह विवाह " सौभाग्य, शांति और वैवाहिक सुख " का प्रतीक है।

     🪷  तुलसी पूजा का महत्व 🪷

   *तुलसी के बिना " विष्णु भोग " स्वीकार नहीं होता

   *" तुलसी पूजन " से पाप नाश होता है

   *तुलसी घर में हो तो " नकारात्मकता " दूर रहती है

   * तुलसी माता स्त्रियों को ' सौभाग्य " प्रदान करती हैं

    💥  भक्ति, पतिव्रत की देवी हैं तुलसी माता  💥

          जहाँ तुलसी है, वहाँ विष्णु  भगवान की कृपा अवश्य होती है 

           और जानने के लिए हमारे ब्लॉग पर आयें 

https://dharamkibate.blogspot.com

Read this article in English - Click here

टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Who Are the Dikpal? 10 Guardians of Directions in Hindu Mythology Explained

दश दिग्पाल कौन हैं? 10 दिशाओं के रक्षक देवताओं की पूरी जानकारी

सच्ची मित्रता की कथा