सप्तपुरी – हिन्दू धर्म की 7 पवित्र नगरियाँ
🕉️ सप्त पुरी के नाम:
अयोध्या – भगवान श्रीराम की जन्मभूमि 🎉
मथुरा – भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि 🎉
हरिद्वार – गंगा तट पर स्थित पवित्र नगरी 🎉
काशी (वाराणसी) – भगवान शिव की नगरी 🎉
कांचीपुरम – देवी कामाक्षी और भगवान विष्णु का क्षेत्र 🎉
उज्जैन – भगवान महाकाल की नगरी 🎉
द्वारका – भगवान श्रीकृष्ण की राजधानी 🎉
🪔 सप्तपुरी श्लोक
🎉 अयोध्या मथुरा माया काशी कांची अवंतिका।
🎉 पुरी द्वारावती चैव सप्तैता मोक्षदायिका॥
🪔 अयोध्या श्लोक
🌺अयोध्या नाम नगरी पुण्या सरयुतीरसंश्रिता |
🌺यत्र जन्म हरिर्देवो राम: परमधार्मिक:||
1 अयोध्या सरयू नदी के तट पर स्थित भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। यह नगर सत्य, धर्म और मर्यादा का
प्रतीक माना जाता है। पुराणों में अयोध्या को मोक्षदायिनी पुरी कहा गया है। यहाँ दर्शन, स्नान और भक्ति से
आत्मशुद्धि होती है। कहा जाता है भगवान राम स्वयं सरयू मे ही समा गए थे इसलिए इसका विशेष महत्व है !
🪔 मथुरा श्लोक
2 मथुरा यमुना नदी के किनारे स्थित भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है। यह नगर भक्ति, प्रेम और लीला का केंद्र
है। मथुरा में श्रीकृष्ण भगवान के दर्शन, यमुना स्नान और भजन-कीर्तन से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं।
🪔 हरिद्वार श्लोक
3 हरिद्वार गंगा नदी के तट पर स्थित पवित्र तीर्थ है। इसे देवताओं का द्वार कहा जाता है। यहाँ गंगा स्नान, हर
की पौड़ी और कुंभ पर्व का विशेष महत्व है। हरिद्वार स्नान से मनुष्य के पाप कटते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
🪔 काशी (वाराणसी) श्लोक
4 काशी गंगा नदी के तट पर स्थित भगवान शिव की नगरी है। इसे अविमुक्त क्षेत्र कहा गया है। यह भगवान
शिव के त्रिशूल पर टिकी है ! मान्यता है कि काशी में मृत्यु होने पर मोक्ष मिलता है। यहाँ विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, गंगा
आरती और पंचकोसी यात्रा का विशेष महत्व है।
🪔 कांचीपुरम् श्लोक
5 कांचीपुरम् दक्षिण भारत की प्राचीन मोक्षपुरी है। यह देवी कामाक्षी और भगवान विष्णु का प्रमुख तीर्थ है।
कांची को वेद, शास्त्र और ज्ञान की भूमि माना गया है। यहाँ भक्ति, तप और साधना से आध्यात्मिक उन्नति होती है।
🪔 उज्जैन श्लोक
6 उज्जैन क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित है और भगवान महाकालेश्वर की नगरी है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से
एक है। उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ और महाकाल दर्शन से पापों का नाश होता है और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
🪔 द्वारका श्लोक
7 द्वारका अरब सागर के तट पर स्थित भगवान श्रीकृष्ण की नगरी है। इसे स्वर्ण द्वारका कहा गया है।
द्वारकाधीश के दर्शन और समुद्र स्नान से भक्तों को पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह वैष्णवों के प्रमुख चार
धाम तीर्थ मे से एक तीर्थ है !
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