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                                                                                                                                           श्री गणेशाय नमः                                                                 श्रीजानकीवल्लभो विजयते                                                                      ...

काल भैरव अष्टमी 2026 :महत्व , व्रत ,पूजा विधि और धार्मिक लाभ

काल भैरव, भगवान शिव, हिन्दू त्योहार, अष्टमी

💥काल भैरव अष्टमी💥


  🎉काल भैरव कौन है 

काल भैरव भगवान शिव के ही एक रूप है जिन्हे समय और मृत्यु का देवता माना जाता है इनका आशीर्वाद  लेने से जीवन में  भय ,संकट और नकारात्मकता समाप्त हो जाती है , इनकी पूजा करने से राहू -केतु का प्रभाव समाप्त हो जाता है ! 

  🪔  काल भैरव अष्टमी कब और क्यों मनाई जाती है 

हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को काल भैरव अष्टमी मनाई जाती है ! इस दिन भक्त भगवान काल भैरव की विशेष पूजा और आराधना करते है ! इस दिन को भय और कष्टों से मुक्ति पाने का दिन माना जाता है !

  🪷 काल भैरव अष्टमी की पूजा विधि 

 आवश्यक सामग्री और समय 

व्रत वाले दिन प्रात:काल भगवान काल भैरव के मंदिर मे जाकर पूजा करें या फिर घर में ही पूजा करें !

पंचामृत ,फूलमाला ,धूप ,शुद्ध घी का दीपक ,भोग प्रसाद फल मिठाई आदि !

   🌺  काल भैरव मंत्र  

   🌺ॐ काल भैरवाय नम:

   🌺 ॐ ह्रीं बटुक भैरवाय नम:

   🌺ॐ भैरवे नम:

 🪻भोग समग्री 

भगवान भैरव बाबा को शुद्ध घी के बने हुए आटे के मीठे रोट बहुत पसंद है भक्त लोग 

इस प्रसाद का विशेष भोग लगाते है !

 ✨ काल भैरव अष्टमी व्रत के लाभ 

संकट निवारण और जीवन मे सकारात्मक ऊर्जा 

इस दिन पूजा करने से भय और शोक , चिंता जीवन से समाप्त हो जाती है ! परिवार मे सुख-शांति का आगमन होता है ! जीवन से नकारात्मकता कोसों दूर हो जाती है !

 🌹जानकारी और परंपरा 

कुछ तीर्थों-स्थानों मे इस दिन शिवलिंग के साथ भैरव की विशेष आराधना की जाती है ! भक्तों के बीच ये दिन बहुत महत्व रखता है ! दिल्ली के पुराने किले के पास प्रगति मैदान मे पांडवों कालीन भैरव बाबा मंदिर है जहां आज भी भक्तों की मनोकामना पूरी होती है ! हर साल सर्दियों मे यहाँ मेला लगता है ! दूर दूर से लोग यहाँ बाबा के दर्शन करने आते है ! 

🍀विशेष 

माता वैष्णो देवी की तीर्थ यात्रा का फल तभी मिलता है जब माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद भगवान भैरव बाबा के दर्शन भी किए जाए !

🌻इसी प्रकार काशी बनारस में ,जो कि 12 ज्योतिर्लिंगों मे से एक है ,मे भी "काशी विश्वनाथ " के दर्शन के साथ भगवान " काल भैरव " के दर्शन करने आवश्यक होते है तभी दर्शन का पूरा फल मिलता है काशी मे इन्हे विशेष संज्ञा दी गई है ! काशी में इन्हें " काशी का  कोतवाल " कहा जाता है !

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