Radha Rani Ki Ashtsakhi mahima राधा रानी की सहेलियाँ
राधा रानी की अष्टसखी Radha Rani Ki Ashtsakhi
श्री राधा रानी की सखियां 5 प्रकार की मानी जाती है :
| राधा रानी की सहेलियाँ |
1 सखी = कुसुमिका , विन्ध्या ,धनिष्ठा = ये राधा की सखी कही जाती है
2 नित्यसखी = कस्तूरी ,मणि मंजरिका = ये राधा की नित्यसखी कही जाती है
3 प्राणसखी = शशिमुखी ,वासंती ,लासिका = ये राधा की प्राणसखी कही जाती है
4 प्रियसखी = कुरंगाक्षी ,मंजुकेशी ,माधवी ,मालती =ये राधा रानी की प्रियसखी कही जाती है
5 परमश्रेष्ठसखी = ललिता ,विशाखा ,चित्रा ,इंदुलेखा ,चंपकलता ,रंगदेवी ,तुंगविद्या ,सुदेवी
------------इन्ही सखियों को राधा रानी की परमश्रेष्ठसखी कहा जाता है इन्ही को अष्टसखी कहा जाता है राधा रानी की विशेष सेवा इन्ही सखियों को प्राप्त है !
1 ललिता सखी *
मोर के पंख के रंग की साड़ी पहनती है ये सखी अत्यंत सुन्दर शोभा देती है ललिता सखी बाकी सभी सखियों की गुरु के समान है राधा रानी को ये { ताम्बूल } पान सेवा अर्पित करती है ये सखी बहुत ही चतुर और मनोहर है , ललिता सखी राधा-कृष्ण के रूठने और एक दूसरे को मनाने मे उनकी सहायता करती है राधा - कृष्ण को मिलाने की व्यवस्था का कार्य संभालती है !
2 विशाखा सखी *
तारों के समान सुन्दर साड़ी पहनती है ,जिनके सुन्दर रंग है ये विशाखा सखी बहुत की मनोरम दिखाई देती है ये सखी राधा रानी को सुगंधित ईत्र , चंदन आदि का लेपन करती है ,उन्हे सजाती सँवारती है , विशाखा सखी गुणों मे बहुत महान है !
3 चित्रा सखी *
केसर की कान्ति वाली चित्रा सखी बादलों के रंग की साड़ी पहनती है ,ये चित्रा सखी राधा रानी को वस्त्र पहनाने और उसे सँवारने का कार्य करती है चित्रा सखी राधा रानी का शृंगार करने का कार्य करती है , ये सखी करुणा से भरी दिखती है !
4 इंदुलेखा सखी *
इंदुलेखा सखी लाल साड़ी पहनती है जिनका मुख अत्यंत प्रसन्न मुद्रा मे है ये सखी अपनी प्रसन्न मुद्रा से चंद्रमा की कान्ति को भी जीत लेती है इंदु लेखा सखी अपने नृत्य प्रस्तुत करके राधा रानी को प्रसन्न करती है उन्हे रिझाती है और सुख प्रदान करती है !
5 चंपकलता सखी *
ये सखी नीली साड़ी पहनती है चम्पा के पुष्प के समान इनकी कान्ति है चंपकलता के हाथों मे रत्नों से जड़ित चँवर है ये राधा रानी को चँवर डुलाने की सेवा का कार्य करती है उन्हे सुख पँहुचाती है !
6 रंगदेवी सखी *
ये सखी कमल के समान सुन्दर साड़ी पहनती है इनका रंग पराग के समान है ये अत्यंत गुणों से भरी हुई है रंग देवी राधा रानी को पाँव मे महावर लगाने का कार्य करती है इनके पास ज्ञान का भंडार है ये सखी अपने ज्ञान से राधा रानी को रिझाने का कार्य करती है !
7 तुंगविद्या सखी *
तुंग विद्या सखी पीले रंग की साड़ी पहनती है इन सखी का रंग कपूर के समान है सब जगह इन सखी की बुद्धि का सम्मान होता है ,तुंग विद्या सखी संगीत और गायन से राधा रानी को प्रसन्न करती है ,वीणा बजाना मधुर स्वर मे गीत गाकर सुनाना इनका कार्य है !
8 सुदेवी सखी *
ये सखी हरी साड़ी पहनती है सुदेवी सखी का रंग स्वर्ण जैसा सुन्दर है अत्यंत उज्जवल और सौम्य देह की स्वामिनी है ये सखी श्री राधा रानी को जल {पानी } पिलाने की सेवा करती है अपनी सेवा से राधा रानी को प्रसन्न करती है !
इस प्रकार राधा रानी की सेवा का कार्य ये अष्ट सखियाँ करती है उन्हे प्रसन्न करना उन्हे रिझाना यही इनका विशेष कार्य है !
विशेष
यदि कोई भक्त राधा रानी की अष्ट सखियों मे से किसी की भी उपासना करता है तो और उनसे कुछ माँगता है तो वे भी सब कुछ देने मे समर्थ है दूसरी बात भगवान कृष्ण उनकी बात कभी नहीं टाल सकते ,इनकी महिमा श्री राधा रानी से कम नहीं है राधा रानी तो पटरानी है बृज चौरासी की !
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