हिन्दू शास्त्रों की महत्वपूर्ण स्मृतियाँ- भाग 2

                                     18 स्मृतियाँ और उनके रचयिता = भाग 2

ऋषियों की लिखी 18 स्मृतियाँ-भाग 2
18 स्मृतियाँ ओर उनके रचयिता 


पिछले भाग की 1 से 9 तक स्मृतियाँ पढ़े लिंक पे क्लिक करें 

10   कात्यायन स्मृति 

महा ऋषि कात्यायन बहुत पुराने शास्त्र कारों मे जाने जाते है ! स्त्री मीमांसा मे  ऋषि कात्यायन के वचन बड़े ही प्रमाणिक माने जाते है ! 

11   शांडिल्य स्मृति 

शांडिल्य ऋषि भक्ति के आचार्य माने जाते है ! इन्होंने भगवान की भक्ति को सबसे बड़ा और कल्याण कारक माना है ! शांडिल्य  ऋषि ने भगवान का मुख्य गुण बताया है करुणा और दयालुता :--
शांडिल्य ऋषि का श्लोक :
"मुख्यं तस्य हि कारुण्यम "

12   गौतम स्मृति 

गौतम ऋषि सप्त ऋषियों मे से एक है ! गौतम ऋषि ब्रम्हा जी के मानस पुत्र है ! देवी अहिल्या इन्ही की पत्नी है ! गौतम स्मृति मे धर्म की महिमा ,पंच यज्ञ ,गौ महिमा ,भोजन विधि ,तीर्थों की महिमा ,भगवान की भक्ति की महिमा का वर्णन है !

13   वसिष्ठ स्मृति 

वसिष्ठ ऋषि ब्रम्हा जी के मानस पुत्र है ! आपकी पत्नी देवी अरुंधती पतिव्रताओ मे आदर्श है ! वसिष्ठ जी भगवान श्री राम जी के गुरु है , और उनके परम भक्त भी है ! भगवान के भक्तों मे आप अग्रज है ! आपकी गौसेवा और गौ भक्ति पूरे संसार मे प्रसिद्ध है !

14    दक्ष स्मृति 

राजा दक्ष ब्रम्हा जी पुत्र है राजा मनु की पुत्री प्रसूति इनकी पत्नी थी ! भगवान शिवजी की पहली पत्नी माता सती इन्ही की पुत्री थी ! राजा दक्ष भगवान विष्णु जी के परम भक्तों मे से थे ! राजा दक्ष ने ही दक्ष स्मृति लिखी है !

15   बृहस्पति स्मृति 

ब्रहस्पति स्मृति देवताओ के गुरु ब्रहस्पति ने ही लिखी है ! ये महा ऋषि अंगिरा के पुत्र है ! इनके द्वारा लिखी स्मृति बहुत ही उपयोगी है इसमे वाणी ,बुद्धि और ज्ञान का प्रकाश समाहित है !

16   शातातप स्मृति 

शातातप स्मृति महा ऋषि शातातप ने लिखी है ! ये शरभंग ऋषि के गुरु है ! ये तप करते करते इतने दुर्बल और क्षीण हो गए की इन्हे शातातप कहा जाने लगा ! इनके नाम से तीन स्मृतियाँ मिलती है :--

लघु शातातप स्मृति 
वृद्ध शातातप स्मृति 
शातातपिय स्मृति 

 17   पराशर स्मृति 

ऋषि पराशर कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास जी के पिता है ! श्री विष्णु पुराण इनकी की विशेष रचना है ! कलि काल मे इनकी वाणी को मान्यता दी जाती है !

18   क्रतु स्मृति 

महाऋषि क्रतु ब्रम्हा जी के मानस पुत्र है ! ये धर्मात्मा ,सत्य प्रिय ,व्रत निष्ठ है ! क्रतु स्मृति इनके द्वारा बनाई गई है !
श्री नाभा दास जी ने इनकी गड़ना बड़े स्मृतिकारों मे की है !


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