कामधेनु गौमाता: समुद्र मंथन से उत्पन्न दिव्य गाय – Kamdhenu Gomata: Divine Cow Emerged from Samudra Manthan

                                                                  कामधेनु गौमाता 


    कामधेनु गौमाता kamdhenu goumata emerged from samudra manthan

Kamdhenu Gomata emerged from Samudra Manthan
कामधेनु गौमाता 

गौमाता कामधेनु 

Kamdhenu Gomata is the divine wish-fulfilling cow described in Hindu mythology.

According to ancient scriptures, Kamdhenu emerged during the Samudra Manthan and became the sacred mother of all cows, symbolizing abundance, nourishment, and divine blessings.


पुराणों के अनुसार, " समुद्र मंथन " के समय कामधेनु गौमाता का प्राकट्य हुआ। देवता और असुर जब अमृत प्राप्ति के लिए " क्षीरसागर का मंथन " कर रहे थे, तब अनेक दिव्य वस्तुएँ उत्पन्न हुईं—जैसे लक्ष्मी माता ,ऐरावत हाथी , कल्पवृक्ष, धन्वंतरि  वैध आदि। उन्हीं दिव्य रत्नों में से एक थीं " कामधेनु गौमाता " !

कामधेनु को " सर्वकामप्रदायिनी गाय " कहा गया है, क्योंकि वे अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने की क्षमता रखती थीं। उनका शरीर दिव्य था !

  • उनके " चारों पैरों में वेद "

  • सींगों में " देवता "

  • और उदर में " समस्त लोक " निवास करते हैं—ऐसा शास्त्रों में वर्णन मिलता है !

 वशिष्ठ ऋषि और नंदिनी

कामधेनु कुछ समय बाद महर्षि वशिष्ठ के आश्रम में निवास करने लगीं। वशिष्ठ ऋषि के आश्रम में उनकी पुत्री की भांति नंदिनी नाम से रहती थी। नंदिनी के प्रभाव से आश्रम में कभी किसी वस्तु की कमी नहीं होती थी।

एक बार  विश्वामित्र वशिष्ठ जी के आश्रम में आए। नंदिनी द्वारा प्राप्त दिव्य आतिथ्य से वे अत्यंत प्रभावित हुए और उन्होंने कामधेनु {नंदिनी } को बलपूर्वक ले जाना चाहा। लेकिन कामधेनु की दिव्य शक्ति से असंख्य वीर उत्पन्न हुए और विश्वामित्र जी पराजित हो गये ।

इस घटना से विश्वामित्र को तपस्या का महत्व समझ आया और वे ब्रह्मर्षि बनने की कठिन तपस्या में प्रवृत्त हुए।

 कामधेनु का महत्व

  • कामधेनु को " गौमाता " का मूल स्वरूप माना जाता है !

  • वे " धर्म, समृद्धि और करुणा " की प्रतीक हैं !

  • हिंदू परंपरा में गाय को माता का दर्जा इसी कारण मिला है !

  • गौमाता के शरीर मे सभी देवों का वास होता है !

  • भगवान कृष्ण की प्रिया है !

  • सनातन धर्म मे गौमाता को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है !

आज भी कहा जाता है --

“  गावो विश्वस्य मातरः  ”

 (  गाय सम्पूर्ण विश्व की माता है  )

गौमाता के मुख्य मंत्र 

ॐ बहुलाये नमः 

ॐ समंगाये नमः 

ॐ अकुतोभ्याय नमः 

ॐ सख्याये नमः 

ॐ क्षेमाये नमः 

ॐ भूयसी नमः 

ॐ सर्वसहाये नमः 

ॐ सुरभि नमः 

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Kamdhenu Gomata holds a sacred place in Hindu mythology as the source of prosperity and fulfillment.

Her emergence from Samudra Manthan represents divine grace, nourishment, and the eternal bond between nature and humanity.


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