भक्त प्रह्लाद, नृसिह अवतार narsimha avatar of lord vishnu

                                                               भक्त बालक प्रह्लाद 

hindu god nrasih avatar story
भक्त बालक प्रह्लाद 
            

This is a famous Hindu mythology story about Bhakt Prahlad, a great devotee of Lord Vishnu.
The story explains faith, devotion, and how God protects true devotees.
Lord Vishnu appeared as Narsimha Avatar to save Prahlad from his father Hiranyakashipu.
The complete story is written below in easy Hindi.


 🌸भक्त प्रह्लाद की सम्पूर्ण कथा

   🌸भक्त प्रह्लाद

        भक्त प्रह्लाद के पिता का नाम हिरण्यकश्यप था  वह एक {असुर}था 

        उसकी माता का नाम कयाधु था 

        उसे विष्णु भगवान का मंत्र देने वाले गुरु ऋषि नारद मुनि थे 

        भगवान विष्णु की द्रड़ भक्ति कन्ने के कारण उन्हे प्रसिद्धि मिली

        बालक भक्त का सर्वोच्च उदाहरण

🌸 हिरण्यकश्यप का अहंकार

          हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु से अत्यंत द्वेष करता था, क्योंकि भगवान विष्णु ने उसके भाई राक्षस हिरण्याक्ष

          का वध किया था बदला लेने के लिए उसने कठोर तप करके  ब्रह्मा जी को प्रसन्न करके उनसे वरदान प्राप्त

          कर लिया कि वह : 

                    ⌚ न दिन में मरे न रात में 

                    🏠 न घर के भीतर न बाहर

                    🧞 न मनुष्य से  न पशु से 

                    ⚔️ न शस्त्र से  न अस्त्र से 

                    ⛈️ न पृथ्वी पर  न आकाश में 

                    📜 ना ही साल के 12 महीनों मे 

             इस वरदान को पाकर वह खुद को अमर मान  बैठा और सब जगह घोषणा करवा दी कि 

            “मैं ही भगवान हूँ।”

🌸 प्रह्लाद का जन्म और भक्ति

      हिरण्यकश्यप की पत्नी कयाधु गर्भवती थीं। उस समय उन्हें नारद मुनि का सान्निध्य मिला। नारद मुनि के

      उपदेशों से गर्भ में ही प्रह्लाद के हृदय में भगवान विष्णु की भक्ति अंकुरित हो गई।

      बालक प्रह्लाद जन्म से ही शांत,प्रसन्न मुद्रा, करुणामय और विष्णु-भक्त थे।

🌸 गुरुकुल में भक्ति का प्रचार

      हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को असुर गुरुओं शंड और अमरक के पास शिक्षा के लिए भेजा।

      एक दिन हिरण्यकश्यप ने पूछा

     “बेटा, तुमने क्या सीखा?”

      प्रह्लाद ने उत्तर दिया :

    “सबसे उत्तम विद्या भगवान विष्णु की भक्ति है।”

     यह सुनकर हिरण्यकश्यप क्रोधित हो उठा। उसने गुरुओं को डाँटा, पर प्रह्लाद की भक्ति कम न हुई। वह 

    अपने सहपाठियों को भी भक्ति का मार्ग बताने लगा।

  🌸 प्रह्लाद पर अत्याचार

   हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को भक्ति से हटाने के लिए अनेक अत्याचार किए 

   उसे ऊँचे पर्वत से गिराया

   उसे विष पिलाया

  उसे अग्नि में जलाने का प्रयास किया 

   उसे हाथियों से कुचलवाया

   उसे सर्पों के बीच फेंक दिया 

 पर हर बार भगवान विष्णु ने अपने बाल भक्त प्रह्लाद की रक्षा की

 प्रह्लाद हर समय केवल यही कहता “नारायण, नारायण।”

 🌸 होलिका दहन

  हिरण्यकश्यप की बहन होलिका को अग्नि से न जलने का वरदान प्राप्त था। उसने प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में

  बैठने का प्रयास किया। परंतु भगवान की कृपा से प्रह्लाद बच गए और होलिका खुद ही भस्म हो गई। इसी घटना

  की स्मृति में होलिका दहन मनाया जाता है।

 🌸 नरसिंह अवतार

    एक बार क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद से पूछा

    तेरा भगवान कहाँ है ? जिसे तू हर समय याद करता है बोल कहाँ है वो ?

   तब प्रह्लाद ने उत्तर दिया कि पिताजी भगवान सब जगह है !

  “वे हर जगह विधमान हैं पिताजी।”

  हिरण्यकश्यप ने खंभे की तरफ इशारा करके कहा कि इसमे तेरा भगवान है ?

  प्रह्लाद ने कहा :  हाँ पिताजी अवश्य इस खंबे मे भी है !

  तभी उस खंभे से भगवान नरसिंह प्रकट हो गए !

  ब्रम्हा जी के वरदान के अनुसार भगवान नृसिह जी 

🧞मनुष्य शरीर मे थे पर उनका मुँह सिंह का था 

⏲️  उस समय न दिन था न रात थी 

  भगवान ने उसे अपनी अपनी जांघ पे रख लिया 

⛈️ ना वह पृथ्वी थी ना ही आकाश 

 भगवान उसे लेकर घर की देहरी पर बैठ गए  

🏠ना वह घर के भीतर न बाहर था 

 भगवान ने उसका पेट अपने तेज नाखून से फाड़ दिया 

⚔️ ना वह अस्त्र थे ना शस्त्र 

   उसे मारने के लिए भगवान ने 13 वे महीने का आरंभ किया जो 3 साल बाद आता है पुरुषोत्तम मास 

  भगवान ने संध्या के समय हिरण्यकश्यप को अपनी जाँघों पर रखकर

⏲️ अपने नाखूनों से उसका वध कर दिया उस समय ना दिन था ना रात 

 इस प्रकार भगवान ने ब्रम्हा जी के वरदान के अनुसार हिरण्यकश्यप का वध किया और अपने भक्त की रक्षा की !

🌸 प्रह्लाद को भगवान का वरदान

    भगवान नरसिंह ने प्रह्लाद को वर माँगने को कहा। प्रह्लाद ने कहा 

  “प्रभु, मुझे कुछ नहीं चाहिए 

  बस मेरे हृदय में आपकी भक्ति बनी रहे।”

 भगवान ने प्रसन्न होकर उसे महान भक्त घोषित किया

 और धर्मपूर्वक राज्य करने का आशीर्वाद दिया।

🌸 प्रह्लाद को मोक्ष की प्राप्ति 

प्रह्लाद ने जीवन भर प्रभु की भक्ति की और धर्म का पालन किया।

अंत में भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया !


Bhakt Prahlad story teaches us that true devotion always wins.
If you like Hindu mythology stories, read more stories on our blog.
We share spiritual and devotional stories in simple language.




We welcome readers from all over the world.
Our blog shares Hindu mythology, devotion, and spiritual wisdom.
Please explore our stories and share with others.
Thank you for your support.


टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें

Dharam Ki Bate

Complete Gajendra Moksha Prayer

हिन्दू नव वर्ष Hindu New Year And Spring Season Navratri

महान गो-भक्त संत श्री राजेन्द्रदासजी महाराज

समुद्र मंथन के 14 रत्न और उनकी अद्भुत कथा

भक्त ध्रुव की प्रेरणादायक कथा | अटूट भक्ति का दिव्य उदाहरण

गजेन्द्र मोक्ष का पाठ

हनुमान चालीसा-पूरा पाठ-40 चौपाइयाँ

Hanuman Chalisa – Full Text and Meaning

गायत्री मंत्र शक्ति Gayatri Mata Blessing

माह स्नान के मुख्य तीर्थ जहां जल मे देवता विराजते है