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रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण

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आदि गुरु शंकराचार्य: अद्वैत वेदांत के महान आचार्य

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                                                       🙏🏿 आदि गुरु शंकराचार्य का परिचय आदि गुरु शंकराचार्य सनातन धर्म के महान दार्शनिक, संत और अद्वैत वेदांत के प्रवर्तक थे। उन्होंने पूरे भारत में धर्म, वेद और उपनिषदों का प्रचार किया और सनातन संस्कृति को पुनः स्थापित किया। आदि शंकराचार्य भारत के महान संत, दार्शनिक और अद्वैत वेदांत के प्रणेता थे। उनका जन्म लगभग 8वीं शताब्दी में केरल के कालड़ी ग्राम में हुआ। उनके पिता शिवगुरु और माता आर्यांबा अत्यंत धार्मिक थे। बालक शंकर बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के धनी थे—कहा जाता है कि उन्होंने आठ वर्ष की आयु में ही वेदों का गहन अध्ययन कर लिया था। 🙏🏿संन्यास और गुरु गोविंदपाद बाल्यावस्था में ही शंकर के मन में संन्यास की प्रबल इच्छा जागी। माता की अनुमति पाकर उन्होंने नर्मदा तट पर गुरु गोविंदपाद से दीक्षा ली। गुरु ने उन्हें अद्वैत वेदांत के प्रचार का महान दायित्व सौंपा। 🙏🏿अद्वैत वेदांत का संदेश शंकराचार्य ...