🌸 झालीरानी चित्तौड़गढ़ की सच्ची श्रद्धा 🌸 🪔 संतों के प्रति विशेष निष्ठा झालीरानी चित्तौड़गढ़ की रानी और श्री रैदास जी की शिष्या थी ! संतों मे इनकी विशेष निष्ठा थी ! एक बार इनके के निकट संतों की मंडली आई ! जमात मे इनके एक गुरूभाई भी आए हुए थे ! इनके मन मे दर्शनों की बहुत अभिलाषा थी ! परंतु राजा ने इन्हे दर्शन के जाने के लिए आज्ञा नहीं दी ! उलटे द्वार पर कड़ा पहरा लगा दिया जिससे रानी महल से बाहर ना जाने पाए ! और कोई भी साधु संत महल के अंदर आना जाना नही कर सके ! और यदि कोई आया या गया तो पहरेदार को सूली पर चढ़ा दिया जाएगा राजा के इस हुक्म से सभी पहरेदार अत्यंत चौकन्ने होकर पहरा दे रहे थे ! 🌼 अटूट भक्ति और संत दर्शन इधर रानी के मन मे दर्शनों की लालसा गहरी थी ! रानी संतों के चरणों का स्मरण करती हुई दर्शनों के लिए महल से अकेली ही निकल पड़ी ! भगवान की महिमा से और संतों की कृपा से कोई भी पहरेदार रानी को जाते हुए देख नही पाया ! रानी ने बड़े सुख पूर्वक संतों का दर्शन किया भोग भंडारा किया उनका सम्मान किया ! ✨ भक्ति की पराकाष्ठा का चमत्कार इधर जब राजा को पता चला कि रानी तो महल मे नहीं है तो उन्हे पहरेद...