🌸 फाल्गुन शुक्ल एकादशी – आमलकी एकादशी का महत्व, कथा और व्रत विधि 🌸 फाल्गुन शुक्ल एकादशी का परिचय हिंदू धर्म में एकादशी का दिन अत्यंत पवित्र माना गया है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पापों का नाश करने वाला और मोक्ष प्रदान करने वाला माना गया है। 🌿 आमलकी एकादशी क्यों कहलाती है? इस एकादशी को “आमलकी” इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन आंवला (आमलकी) वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। आंवला को धर्मशास्त्रों में पवित्र और भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है। इस दिन आंवला वृक्ष के नीचे पूजन, दीपदान और कथा श्रवण करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। 📖 आमलकी एकादशी कथा (पौराणिक वर्णन के अनुसार) प्राचीन समय में वैदेश नामक नगर में चैत्ररथ नाम का एक धर्मात्मा राजा राज्य करता था। उसके राज्य में सभी लोग श्रद्धापूर्वक एकादशी का व्रत करते थे। फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन समस्त नगरवासी आंवला वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु की पूजा और रात्रि जागरण कर रहे थे। उसी समय एक शिकारी, जो भूखा-प्यासा था, वहा...