संदेश

कर्माबाई की कहानी लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण

चित्र
                                                                                                                                           श्री गणेशाय नमः                                                                 श्रीजानकीवल्लभो विजयते                                                                      ...

कर्माबाई की खिचड़ी कथा

चित्र
  कर्माबाई की खिचड़ी  कर्माबाई नाम की एक बुढ़िया { निलांचल प्रदेश }जगन्नाथपुरी मे रहती थी ! वह प्रेम और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति थी! वह नित्य प्रति अपने ठाकुरजी को बड़े प्रेम से खिचड़ी प्रसाद का भोग लगाया करती थी ! और ठाकुर जी भी प्रतिदिन उनकी गोद मे बैठकर बड़े चाव से खिचड़ी खाया करते थे !  पर वह स्नान किए बिना ही खिचड़ी बनाया करती थी !  साधु के नियम बताना  एक दिन की बात है एक साधु उनके घर मे आए और बोले की तुम्हे ठाकुर को भोग लगाने के लिए पहले स्नान आदि से पवित्र हो जाना चाहिए फिर भोग लगाना चाहिए ! खिचड़ी के लिए देरी होना   अगले दिन से कर्माबाई ने ऐसा ही किया  पर उस दिन से उसे खिचड़ी बनाने मे देर होने लगी और उनका उनका दिल रोने लगा ! की मेरे ठाकुर को बहुत जोर से भूख लगी होगी , मेरा बाल गोपाल भूखा होगा ! कर्माबाई को धर्म कर्म के बारे मे कुछ पता नही था वह तो वात्सल्य की मूर्ति थी ! कर्माबाई का विलाप   श्री कर्मा बाई ने बड़े दुखी मन से श्याम प्यारे को खिचड़ी खिलाई उसी समय जगन्नाथजी मंदिर मे पुजारी ने छप्पन भोग निवेदन किए और भगवान जगन्नाथजी का आह्वान किया प...