🌼 शीतला अष्टमी व्रत विधि 🌿 व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें | ❌ और घर की साफ-सफाई भूलकर भी ना करें क्योंकि बसोड़ा का मतलब ही बासी होता है | इस दिन [ बासी घर ] रखना होता है शीतला माता के हाथ मे झाड़ू होती है | सुबह जल्दी उठकर ही पूजन करें सूरज निकलने से पहले ही क्योंकि सूरज निकलेगा तो गर्मी होगी तब शीतला माता [बसोड़ा ] की पूजा नहीं की जाती | 🛕 इसके बाद शीतला माता की प्रतिमा या चित्र के सामने पूजा की तैयारी करें। 🍚 शीतला माता को ठंडा (बासी) भोजन जैसे मेवे, मिठाई,पुआ,पूरी ,तरकारी, दाल,भात,लपसी,दही, पूड़ी, हलवा, मीठा चावल और रोटी आदि कच्चे -पक्के सभी शीतल पदार्थ का भोग लगाएँ। इस दिन घर मे चूल्हा ,गैस आदि ना जलाएं | 🙏 माता को जल, फूल, अक्षत और रोली अर्पित करें तथा श्रद्धा से उनकी पूजा करें। शीतला माता का स्तोत्र -पाठ करके रात्री को जागरण करें 📖 पूजा के बाद शीतला माता की कथा सुनें या पढ़ें। 🍛 पूजा के बाद पर...