🪔 महाभारत {आदि पर्व } की राजा दुष्यंत की कथा राजा दुष्यन्त और शकुन्तला की की कथा कण्व ऋषि का आश्रम और शकुंतला प्राचीन भारत में " हस्तिनापुर " के प्रतापी राजा " दुष्यन्त एक दिन शिकार के लिए वन में गए। उसी वन में " महर्षि कण्व " का आश्रम था। कण्व ऋषि की एक दत्तक पुत्री थीं जिसका नाम था " शकुन्तला " वह अत्यंत सुंदर, सौम्य और प्रकृति से प्रेम करने वाली थी ! 🙏🏿 राजा दुष्यंत का मोहित होना राजा दुष्यन्त कण्व ऋषि के आश्रम मे पहुँचे। वहाँ उन्होंने शकुन्तला को वन-पशुओं और पौधों की सेवा करते देखा। जब दोनों ने एक-दूसरे को देखा तो देखते ही मन से आकर्षित हो गए। दोनों की बातचीत हुई, और दोनों ने विवाह कर लिया ! 🪔 दुष्यंत और शकुंतला का गंधर्व विवाह महर्षि कण्व उस समय आश्रम में नहीं थे। दोनों ने " गंधर्व विवाह ...