फाल्गुनी शुक्ल पूर्णिमा के सब ही व्रतों का सार 🙏🏿[1 ] फाल्गुनी पूर्णिमा यह पूर्व विध्या ली जाती है इस दिन सायकाल के समय भगवान को हिंडोले मे बिठाकर हिंडोले को हिलाए उनके लाड़ लड़ाए एक समय भोजन करें | 🪔[2 ] व्रतद्वयी पूर्णिमा [फाल्गुन पूर्णिमा ] फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को कश्यप ऋषि के औरस और अदिति के गर्भ से आर्यमा [आदित्य ] और अनुसूया के गर्भ से चंद्रमा उत्पन्न हुए थे अतः सूर्योदय के समय आदित्य का और चंद्रोदय के समय चंद्रमा का विधि पूर्वक पूजन करके गायन ,वादन नृत्य से जागरण करें | इस दिन एक बार भोजन करें | 💥[3] फाल्गुनी [पूर्वाफाल्गुनी] पूर्णिमा यदि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र हो तो बिस्तर ,रजाई ,चादर ,तकिया आदि से युक्त सुपुजित शय्या किसी विद्वान ब्राम्हण को दान करें इससे आज्ञा मे रहने वाली सुंदर स्त्री [पत्नी ]प्राप्त होती है ,यदि यह दान स्त्री करें तो उसको धन ,विद्या और सम्मान युक्त सुंदर पति प्राप्त होता है ! 🙏🏿[4] अशोक व्रत [फाल्गुनी पूर्णिमा ] फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को मिट्टी के साथ स्नान करे मिट्टी माथे पर लगाए मिट्टी खाय...