🌸 संत कबीरदास जी : निर्भीक सत्य और प्रेम के संत 🌸 कबीरदास जी का परिचय संत कबीरदास जी भक्ति काल के सिद्ध संत, महान कवि और समाज सुधारक थे। उनका जन्म काशी में माना जाता है। उन्होंने जीवनभर सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश दिया। कबीरदास जी ने बाहरी आडंबरों का विरोध किया और सरल भक्ति का मार्ग बताया। 🌸 कबीरदास जी का जन्म संत कबीरदास जी का जन्म लगभग संवत 1455 (ईस्वी सन् 1398) में माना जाता है। उनका जन्म स्थान काशी (वर्तमान वाराणसी, उत्तर प्रदेश) माना जाता है। इतिहासकारों में जन्म को लेकर कुछ मतभेद हैं, लेकिन काशी को ही प्रमुख जन्मस्थली माना जाता है। 🌸 कबीरदास जी के माता-पिता नीरू और नीमा काशी मे रहने वाले जुलाहा [बुनकर ]थे ! मान्यता है कि कबीरदास जी शैशव अवस्था मे लहरतारा तलाब के पास पड़े हुए मिले थे जहां से नीरू और नीमा नामक जुलाहा दम्पत्ति इन्हे उठाकर अपने घर ले लाए थे उन्होंने ही अपने पुत्र की तरह इनका पालन-पोषण किया था। 🌸 मान्यता कुछ लोगो का मानना है कि कबीरदासजी मुसलमान थे ओर सयाने होने पर स्वामी रामानंद जी के प्रभाव मे आकर उन्होंने हिन्द...