ऋषि वसिष्ठ और राजा दिलीप संवाद 🙏🏿 राजा दिलीप ने पूछा = मुने ,आप ईश्वाकु वंश के गुरु और महात्मा है ! आपको नमस्कार है ! गुरुदेव, माघ मास के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन कीजिए, मैं सुनना चाहता हूँ ! ऋषि वसिष्ठ जी ने कहा = सुनो राजन 🌹 दान🌺 माघ मास मे बेर, केला,आमला, तिल, पान, घी, खिचड़ी, कुम्हड़ा, चावल, ठंड से बचने के बिस्तर ,रुई ,कंबल जलाने के लिए लकड़ी, जूते, मोजे, यज्ञोंपवित, उबटन, जायफल,गरम वस्त्र, इत्र- किसी गरीब ब्राम्हण को दान करें विष्णु भगवान की पूजा करके उन्हे संतुष्ट करें ! कथा 💥 राजन अब माघ मास की कथा का श्रवण करो 🙏🏿 प्राचीन काल मे नर्मदा के रमणीय तट पर एक बहुत बड़ा गाँव ब्राम्हणो को मिला हुआ था, उस गाँव मे वेदों के ज्ञाता धर्मात्मा ब्राम्हण रहते थे वह गाँव धन धान्य से भरा था उस गाँव मे एक श्रेष्ठ ब्राम्हण थे जिनका नाम सुव्रत था वे सम्पूर्ण वेदों के ज्ञाता थे, धर्म शास्त्रों के विद्वान थे, पुराणों मे कुशल थे, अनेक देशों की बोलियां जानते थे, और चौसठ कलाएं जानते थे यह सब उन्होंने धन कमाने के लिए ही सीखा था ! सु...