🪔24 अवतारों का मुख्य श्लोक 💥 🌻जी जी मीन वराह कमठ नरहरि बलि- बावन | 🪻परशुराम रघुबीर कृष्ण कीरति जग पावन || 🥀बुद्ध कल्कि व्यास पृथु हरि हंस मन्वन्तर | 🌷यज्ञ ऋषभ हयग्रीव ध्रुव वरदैन धन्वन्तर || 🌺 बदरीपति दत्त कपिलदेव सनकादिक करुणा करो | 🌹चौबीस रूप लीला रुचिर श्री अग्रदास उर पद धरो || 🪷पद की व्याख्या और स्वरूप 🪔 🙏🏿🪔🌹🪔मंगलमय 1 🥀 श्री हरि ध्रुव वरदेन = ध्रुव को वरदान देने के लिए अवतार धारण किया 2 🌷मीन = प्रलयकाल मे भगवान मत्स्य बने और राजा सत्यव्रत और वेदों की रक्षा की 3 🍀वराह = पाताल से पृथ्वी को निकालने के लिए अवतार धारण किया 4 🌷कच्छप = समुद्र मंथन मे मंदराचल पर्वत को पीठ पे धारण किया 5 🪻नरसिंह = भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए हिरण्यकशीपु का नाश किया 6 🌻 वामन = राजा बलि से तीन पग भूमि मे तीनों लोक प्राप्त किए भगवान के 24 चौबीस अवतारों की जी हो जी हो आपका मंगल हो, हम आपको नमस्कार करते है 7 🌷परशुराम =अत्याचारी क्षत्रियों का नाश किया 8 💥रघुबीर श्री राम = मर्या...