महाकवि कालिदास की कथा 🌷प्रारंभिक जीवन महाकवि कालिदास प्रारंभ में अत्यंत साधारण अल्पशिक्षित और सरल बुद्धि के व्यक्ति थे। कहा जाता है कि उन्हें पढ़ना-लिखना तक नहीं आता था। वे एक गाँव में रहते थे और जीवन यापन के लिए लकड़ी काटने जैसे साधारण कार्य करते थे। 🌻राजकुमारी से विवाह उज्जयिनी के राजा विक्रमादित्य के दरबार के कुछ घमंडी पंडितों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने जानबूझकर कालिदास का विवाह विदुषी राजकुमारी विद्योत्तमा से करा दिया। विवाह के बाद जब विद्योत्तमा को पता चला कि उनका पति अशिक्षित है, तो उन्होंने कालिदास को अपमानित कर महल से निकाल दिया । 🏵️ माँ काली की शरण अपमान से टूटे हुए कालिदास वन में चले गए। वहाँ उन्होंने माँ काली की घोर तपस्या की। माँ काली ने प्रसन्न होकर उन्हें असाधारण विद्या , काव्य-प्रतिभा और ज्ञान का वरदान दिया। ज्ञान प्राप्ति और पुनरागमन 🌺वरदान प्राप्त करने के बाद कालिदास पूरी तरह बदल चुके थे। वे जब दोबारा उज्जयिनी लौटे तो उन...