🪔 श्री गणेश चतुर्थी व्रत 🪔 पौष मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को " गणेश संकट चतुर्थी " व्रत के नाम से पुकारा जाता है : 🪔 श्लोक श्लोक = " ममसकलाभीष्टसिद्धये चतुर्थीव्रतंकरिष्ये " यह गणेशजी का व्रत है प्रात: स्नान के बाद संकल्प करके दिन भर मौन रहकर सायकाल चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन करे ! 🪔 व्रत कथा कथा = माता पार्वती जी ने अपने शरीर के मैल से गणेश को प्रकट किया और अपने द्वार पर पहरा देने के लिए बैठा दिया कुछ समय पश्चात भगवान शंकर जी जब अंदर जाने लगे तो गणेशजी ने उन्हे जाने नहीं दिया तब उन्होंने अनजाने मे अपने त्रिशूल से गणेशजी मस्तक काट डाला और वह चंद्र-लोक मे चल गया ! बाद मे माता पार्वती जी प्रसन्नता के लिए भगवान शंकर जी ने हाथी के नवजात बालक का सिर लाकर गणेशजी के मस्तक पर जोड़ दिया ! परंतु क...