भगवान श्रीराम और उनके चार वीर सखा और अन्य साथी भगवान राम अपने चार प्रमुख सहयोगियों हनुमान, सुग्रीव, अंगद और जांबवंत के साथ, धर्म, भक्ति और वीरता का प्रतीक हैं। 💥🪔भगवान राम और उनका सहचर वर्ग 🌷विष्णु के सप्तवें अवतार। 🌷सीता माता की रक्षा और धर्म की स्थापना। 🌷युद्ध में मार्गदर्शक और आदर्श 🌷गुण: धर्म, साहस, करुणा, भक्ति। छंद पद्म अठारह जूथपति राम काज भट भीर के | सुभ दृष्टि बृष्टि मो पर करौ जे सहचर रघुबीर के || व्याख्या सूर्य के पुत्र वानरराज सुग्रीवजी, बालिपुत्र अंगदजी, केशरीपुत्र हनुमानजी, दधिमुखजी, द्विविदजी, मयंदजी, जिनके समान कोई साहसी और बलवान नहीं है - ऐसे रीछों के राजा जाम्बवानजी, श्रेष्ठ योद्धा उल्कामुखजी, सुषेणजी, दरीमुखजी, कुमुद, नील, नल, शरभ, गवय, गवाक्ष, पनस और महाबलवान गंधमादन आदि अठारह पद्म जो सेनापति है - ये सब संकट के समय भक्तों के तथा श्रीराम जी के कार्य को करने वाले महान वीर है श्री रामचंद्रजी के ये जो सखागण है वे हमारे ऊपर मंगल कारिणी कृपा दृष्टि की वर्षा करें ! 1 💥🪔 हनुमान जी -केशरी पुत्र...