🪔"भगवान की अनंत कृपा और भक्त की भक्ति का अद्भुत दृश्य। इस दिन श्री चतुर्भुज स्वामी के बाल शुभ्र हो गए, और देवाजी पंडा का हृदय प्रेम और आशीर्वाद से भर गया।"🪔 🌸 श्री देवाजी पंडा की कथा – उदयपुर के चतुर्भुज स्वामी मंदिर🌺 🌸 देवाजी पंडा की भक्ति और साधु जीवन💥 उदयपुर के समीप चतुर्भुज स्वामी का मंदिर है। श्री देवाजी पंडा उसमे पुजारी थे। वे ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे परंतु पूजा पाठ बड़े भक्ति भाव, श्रद्धा और विधि -विधान से करते थे। एक दिन की बात है उदयपुर नरेश रात के समय मंदिर में आए। शयन आरती हो चुकी थी। भगवान को शयन कराकर देवाजी ने भगवान के गले का पुष्पहार उतारकर अपने सिर पर रख लिया था और मंदिर बंद करके बाहर आ रहे थे। इसी समय महाराणा वहाँ पहुँचे। 🌸 महाराणा के आगमन और पुष्पहार की घटना💥 दरवाजे पर अकस्मात महाराणा को देखकर देवाजी घबरा कर मंदिर में घुस गए और उन्हें पहनाने के लिए भगवान की माला ढूंढने लगे। उस दिन दूसरी माला नहीं थी, अतः महाराणा नाराज ना हो, इसलिए देवाजी ने मस्तक पर रखा हुआ पुष्पहार उतारकर बाहर जाकर महाराणा के गले में पहना दिया। कुछ सोचने का ...