रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण
" धर्म की बाते एक आध्यात्मिक ब्लॉग है जहां हम धर्म,आस्था,जीवन से जुड़े विचार,देवी देवताओ की कहानियाँ, व्रत, पूजा-पाठ की बातें सरल भाषा में सांझा करते है यह बिल्कुल साफ ,परफेक्ट और seo -friendly है " किसी भी साधन या नियम को अपनाने से पहले अपने गुरु या जानकार से परामर्श करें ,हम किसी भी प्रकार का दावा नही करते !
🪔 पुराणों के अनुसार समुद्र मंथन के समय कामधेनु गौमाता का प्राकट्य हुआ।
🌊 देवता और असुर अमृत प्राप्ति के लिए क्षीरसागर का मंथन कर रहे थे।
🌸 उस समय अनेक दिव्य रत्न प्रकट हुए जैसे लक्ष्मी माता, ऐरावत हाथी,
🌳 कल्पवृक्ष और धन्वंतरि वैद्य।
🐄 उन्हीं दिव्य रत्नों में से एक थीं कामधेनु गौमाता।
✨ जिन्हें सर्वकामप्रदायिनी गौ कहा गया है।
🌼 वे अपने भक्तों की सभी इच्छाओं को पूर्ण करने की सामर्थ्य रखती थीं।
🙏 उनका स्वरूप अत्यंत दिव्य और पावन था।
📜 शास्त्रों में वर्णन मिलता है कि
📖 उनके चारों पैरों में वेदों का वास है।
🕉️ सींगों में देवताओं का निवास माना गया है
🌍 और उदर में समस्त लोक स्थित हैं।
🌿 कुछ समय बाद कामधेनु गौमाता
🏞️ महर्षि वशिष्ठ ऋषि के आश्रम में रहने लगीं।
🐄 वहाँ वे पुत्री के समान नंदिनी नाम से जानी गईं।
🍃 नंदिनी के प्रभाव से आश्रम में कभी किसी वस्तु की कमी नहीं होती थी।
👑 एक बार राजा विश्वामित्र
🏞️ वशिष्ठ ऋषि के आश्रम में पहुँचे।
✨ नंदिनी द्वारा प्राप्त दिव्य आतिथ्य से वे अत्यंत प्रभावित हुए
⚠️ और उन्हें बलपूर्वक ले जाना चाहा।
⚔️ तब नंदिनी की दिव्य शक्ति से
🔥 असंख्य वीर प्रकट हुए।
😔 इस कारण विश्वामित्र पराजित हो गए
🧘 और उन्हें तपस्या का महत्व समझ आया।
🏰 इसके बाद उन्होंने राजपाट त्याग दिया
🔥 और कठोर तपस्या में प्रवृत्त हुए।
🐄 कामधेनु गौमाता
🌼 गौमाता का मूल स्वरूप मानी जाती हैं।
⚖️ वे धर्म, समृद्धि और करुणा की प्रतीक हैं।
🙏 इसी कारण गाय को माता का दर्जा प्राप्त है।
🕉️ गौमाता के शरीर में
✨ समस्त देवों का वास माना गया है।
🦚 वे भगवान श्रीकृष्ण की अत्यंत प्रिया हैं।
🪔 सनातन धर्म में उनका स्थान सर्वोच्च है।
🌍 आज भी यह कहा जाता है
📜 गावो विश्वस्य मातरः
🙏 अर्थात
🌏 गाय संपूर्ण विश्व की माता है।
🪔 गौमाता के पावन मंत्र
✨ ॐ बहुलाये नमः
✨ ॐ समंगाये नमः
✨ ॐ अकुतोभ्याय नमः
✨ ॐ सख्याये नमः
✨ ॐ क्षेमाये नमः
✨ ॐ भूयसी नमः
✨ ॐ सर्वसहाये नमः
✨ ॐ सुरभि नमः
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें