रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण
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🌊 समुद्र मंथन से उत्पत्ति
जब देवताओं और असुरों ने मिलकर क्षीरसागर का मंथन किया, तब अनेक दिव्य वस्तुएँ प्रकट हुईं।
उन्हीं में से एक अद्भुत और तेजस्वी घोड़ा था उच्चैःश्रवा।
✨ यह घोड़ा सफेद (श्वेत) रंग का माना गया है
✨ इसे सभी घोड़ों में श्रेष्ठ बताया गया है
✨ पौराणिक वर्णन के अनुसार यह सात सिरों वाला दिव्य अश्व था
✨ इसकी चमक और तेज अत्यंत अद्भुत थी
🌸 इसे घोड़ों का राजा माना जाता है
🌸 यह इंद्र देव का प्रधान हाथी बताया गया है
🌸 यह समुद्र मंथन के 14 रत्नों में से एक है
🌸 यह दिव्यता और शक्ति का प्रतीक है
उच्चैःश्रवा हमें यह सिखाता है कि जीवन में धैर्य और संघर्ष से ही असाधारण उपलब्धियाँ प्राप्त होती हैं।
जैसे समुद्र मंथन से दिव्य रत्न निकले, वैसे ही जीवन के संघर्षों से सफलता मिलती है।
उच्चैःश्रवा केवल एक पौराणिक घोड़ा नहीं है, बल्कि यह शक्ति, दिव्यता और श्रेष्ठता का प्रतीक है।
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