रामचरितमानस बालकाण्ड मंगलाचरण

चित्र
                                                                                                                                           श्री गणेशाय नमः                                                                 श्रीजानकीवल्लभो विजयते                                                                      ...

गीत गोविंद (श्रितकमला कुच मंडल ए) मंगलगीत

भगवान जगन्नाथ: मालिन की बेटी से गीत गोविंद सुनकर नाचते हुए उनके दिव्य रूप, चमत्कार और भक्ति का प्रदर्शन
भगवान जगन्नाथजी कलियुग के जाग्रत भगवान है चमत्कार होते रहते है :

💥एक दिन एक मालिन की 6 वर्ष की बिटिया गीत गोविंद गाते हुए अपने खेत मे से बैंगन तोड़ रही थी ,तब भगवान जगन्नाथ जी उसके पीछे पीछे नाचने लगे, और भगवान का पीताम्बर खेत के काँटों मे फसकर फट गया, भगवान मंदिर मे फटी पोशाक मे चले गए जब पुजारियों ने देखा ,तो प्रभु से पूछा "प्रभु ने स्वयं बताया की मुझे गीत गोविंद अत्यंत प्रिय है " तब से आज तक "श्री जगन्नाथ धाम " मे प्रभु को "गीत गोविंद " प्रतिदिन सुनाया जाता है ! 💥

        जय देव " जी ने इसे संगीतमय शब्दों मे लय बद्ध किया है 

        यह { पद } भजन मे भगवान " विष्णु " के अवतार श्री कृष्ण की महिमा और दिव्यता का वर्णन है !


  🌿 गीत गोविंद का हिन्दी अनुवाद साथ मे दिया गया है
     जिससे पाठकों को कोई परेशानी ना हो |

संस्कृत और हिन्दी मे प्रस्तुत है :-----

      🌿||1||   श्रित कमला कुच मण्डल धृत कुंडल ए 

             कलित ललित वनमाल जय जय देव हरे

      🙏🏿  हे भगवान आपके हृदय पर कमल की शोभा ,कानों मे अनमोल कुंडल और 
             वन के सुंदर फूलों की माला सुशोभित है ! हे देव आपकी महिमा की जय हो जय हो !

      🌿|| 2 ||  दिन मणि मण्डल मंडन भव खंडन ए 

              मुनिजन मानस हंस जय जय देव हरे 


       🙏🏿   हे भगवान आपका मुख सूर्य की भांति तेजस्वी है आप संसार के दुखों का 
              नाश करते है और वैरागी जनों, साधु संतों को असीम शांति प्रदान करते है !     
              हे देव आपकी जय हो जय हो !

     🌿||3||  कालिय विष धर गंजन जन रंजन ए 

              यदुकुल नलिन दिनेश जय जय हरे
 
      🙏🏿   हे भगवान आपने कालिया नाग का वध किया और आप सभी जीवों के प्रिय बने रहते है 
           आप यदु वंश के सूर्य के समान महिमा के अधिकारी है ! हे देव आपकी जय हो जय हो !


      🌿|| 4 || मधु मुर नरक विनाशन गरुड़ा सन ए 

              सुर कुल केलि निदान जय जय देव हरे 
      

      🙏🏿   हे  प्रभु आपने मधु मुरा नरकासुर जैसे राक्षसों का संहार किया भगवान आप 
            देवो के आनंद का कारण है और गरुड़ पर विराजमान होकर देव लोक की रक्षा करते है !
            हे देव आपकी जय हो जय हो !

      🌿|| 5 || अमल कमल दल लोचन भव मोचन ए 

              त्रिभु वन भवन निधान जय जय देव हरे 


      🙏🏿  हे भगवान आपकी आँखें कमल जैसी निर्मल है आप संसार के बंधनों को मिटाने
            वाले और तीन लोको के पालनहार है ! हे देव आपकी जय हो जय हो !  

      🌿|| 6 || जनक सुता कृत भूषण जित दूषण ए 

              समर शमित दश कंठ जय जय देव हरे 


       🙏🏿  हे भगवान आप जनकसुता के रूप मे जगत के नयनाभिराम भूषण है 
            और आपने दशानन रावण जैसे बड़े दुष्ट का नाश किया है ! हे देव आपकी जय हो जय हो !

     🌿|| 7 || अभिनव जल धर सुंदर धृत मंदर ए 

              श्री मुख चंद्र चकोर जय जय देव हरे 


      🙏🏿  प्रभु आपने गोवर्धन पर्वत को धारण किया और आपका रंग नवीन बादल सा सुंदर
            है राधा आपकी कृपा मे चकोर की भांति आकर्षित है ! हे देव आपकी जय हो जय हो   

    🌿|| 8 ||  तव चरणे प्र ण ता वयं इति भावये ए 

             कुरु कुशलं प्रण तेषु जय जय देव हरे 


      🙏🏿  हे प्रभु हम आपके चरणों मे नमन करते है हम पर कृपा करो और
            सभी भक्त सुरक्षित रहें ! हे देव आपकी जय हो जय हो !

    🌿|| 9 || श्री जय देव कवेर इदं कुरुते मुदम 

            मङ्गल मंजुल गीतं जय जय देव हरे 


     🙏🏿   हे भगवान कवि जयदेव यह मङ्गल गीत आपके लिए प्रस्तुत कर रहे है !
            हे देव आपकी जय हो जय हो !

   🌿||10 || राधे कृष्णा हरे गोविंद 
            राधे कृष्णा हरे गोविंद।। जय जय देव हरे


     🙏🏿  अंत मे राधा कृष्ण नाम संकीर्तन 
           जय जय देव हरे 
       

     और जानने के लिए हमारे ब्लॉग पर आयें 
      https://dharamkibate.blogspot.com




 = भगवान जगन्नाथजी को यह गीत इतना अधिक प्रिय है की इसे सुनते ही
        भगवान स्वयं को रोक नहीं पाते नाचने लगते है !

                                 **  मङ्गल गीतं सम्पूर्ण { गीत गोविंद }जय देव जी द्वारा रचित **

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